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महात्मागांधी अंतर्राष्ट्रीय हिन्दी
विश्वविद्यालय,वर्धा
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संत्रात पत्र
नाट्यकला एवं फिल्म अध्ययन विभाग
प्रशन पत्र–प्रथम(गतिशील छवियाँ एवं ध्वनि का सिद्धांत)
विषय:- स्थिर केमरे और गतिशील केमरे की कार्ये पद्धति विस्तार से
समझाईए।
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स्थिर कैमेरे और गतिशील कैमेरे की कार्ये पद्धति विस्तार से समझाइए
स्थिर
कैमेरेऔर गतिशील कैमेरे की कार्ये
पद्धतिबताने से पहले कैमेरे का अर्थ बताना जरूरी हैकेमेरा
कहाँ से आया और इसका अर्थ क्या है ।
केमरे की खोज -
कैमरा सबसे पहले कैमरा ऑब्स्क्योरा के रूप में आया। इसका आविष्कार ईराकी वैज्ञानिक इब्न-अल-हज़ैन (१०१५-१०२१) ने कीया । इसके बाद अंग्रेज वैज्ञानिक राबर्टबॉयल एवं उनके सहायक राबर्ट हुक ने सन १६६० के दशक में एक सुवाह्य (पोर्टेबल) कैमरा विकसित किया। सन १६८५
में जोहन जान (Johann Zahn) ने ऐसा कैमरा विकसित किया जो सुवाह्य था और तस्वीर खींचने के लिये
व्यावहारिक था।
केमरे
का अर्थ-
केमरा एक प्रकाशीय युक्ति है जिसकी सहायता से कोई स्थिर छवि (फोटोग्राफ)
या चलचित्र (मूवी या विडियो) खींचा जा सकता है। चलचित्र वस्तुतःकिसी परिवर्तनशील
या चलायमान वस्तु के बहुत छोटे समयान्तरालों पर खींची गयी बहुत से छवियों का एक
क्रमिक समूह होता है।
केमरा
शब्द यूनानी शब्द Kamera से
लिया गया है और यह केमरा ओब्स्क्योरा का छोटा नाम है। जब इसका आविष्कार हुआ इसका प्रयोग कलाकारों
द्वारा सफेद कागज़ पर बन रहे चित्र को पैंसिलया रंगों के माध्यम से बनाने के लिए किया जाता था। Joseph Nicephore
Niepce ने सफ़ेद कागज़ पर बन रहे चित्र के आगे रसायनों से युक्त एक शीट
रख कर उन पर स्थाई तौर पर चित्र अंकित कर यह सिद्ध कर दिया था कि यह फोटो लेने वाला एक मुख्य उपकरण है ।
दूसरे
शब्दों में कैमरा
जिसका अर्थ अंधेरा कक्ष होता है। ध्यान रखने योग्य है कि सबसे
पहले फोटो लेने के लिये एक पूरे कमरे का प्रयोग होता था, जो अंधकारमय होता था।
इस
समयकैमेरे बहुत से
उपलब्ध है परंतु कौन सा बहतर है। Single lens reflex , Twin
lens reflex , Instant camera या Compact camera।
आधुनिक Auto focus camera आने के बाद यह भी पूछा जाने
लगा है कि Manual
कैमेरा अच्छा है याफिर
आधुनिक Autofocus camera।
वास्तव में हर कैमेरे में यदि कुछ गुण है तो कुछ
अवगुण भी होते है हर कैमेरे में एक सिरे पर लैन्स
और दूसरे पर प्रकाश ग्रहणशील फिल्म लगाने की
व्यवस्था होती है । कैमेरे को या तो धातु याफिर किसी Syntheticप्रदार्थ से साँचे में ढाल
कर बनाया जाता है।
कैमेरे में दो कक्ष होते है एक में फिल्म डाली
जाती है जो फोटो खींचते समय दूसरे कक्ष में लिपटती जाती है परन्तु दोनों कक्षों के
बीच प्रकाश से प्रतिबिम्ब बनने की जगह होती है । इस फिल्म के पीछे एक प्लेट लगी
होती है, जिसे
कैमेरा में फिल्म डालने के बाद बन्द कर दिया जाता है। इससे फिल्म सीधी रहती है। कैमेरे में ऐसा प्रावधान होता है कि चित्र खींचने के बादजब
फिल्म आगे को जाती है तो फिल्म में चित्र का क्या नम्बर है साफ नजर आता है परंतु आधुनिक
कैमेरों में हर चित्र खींचने के फिल्म खुद आगे चलती रहती है और frame का
नम्बर भी बदलता रहता है । कुछ कैमेरो में कम रोशनी में फोटो खींचने के लिए फ्लेश
पहले से ही लगी रहती है। आधुनिक कैमेरो में कुछ ऐसे कैमेरे भी है जिनमें Fill-In-Flash का
पहले से ही Feture होता
है और इसके इलावा अलग से भी Flash लगाई जा सकती है ।
कैमरे
के प्रकार –
कैमरा ओब्स्क्योरा के आविष्कार के बाद 19वीं शताब्दी में मौजूद ( परंपरागत) कैमरे
को और सुविधाजनक और आकर्षक बनाने के लिए कोशिश
की गई और समय के साथ साथ अनेक प्रकार के कैमेरो को बनाया गया।
फोटोग्राफी
में चाहे प्रारम्परिक कैमरे का प्रयोग किया जाए या तो
फिर डिजिटल का फोटोग्राफी के Principles समान
रहते है। जिसके आधार पर कैमरे का
आविष्कार किया गया था ।
स्थिर
कैमरेके प्रकार निम्नलिखित है :-
स्थिर
केमरे और उनके कार्ये -
1. फिल्ड
कैमरा (Field Camera)-
इस कैमरे में आगे और पीछे दो समतल फ्रेम लगाए जाते है जिन्हे
धौकनी
(Bellows) से
आपस में जोड़ा जाता है। सामने वाले फ्रेम में लेन्स लगाया
जाता है और पीछे के भाग में एक प्लेट होती है। इन दोनों को आगे पीछे कर के फोक्सिंग
की जाती है । ये कैमेरा Stand पर लगा रहता है और इससे फोटो खींचने से पहले प्रतिबिम्ब
कोस्क्रीन पर फोकस कीया जाता है। इसके उपरान्त लेन्स को ढक दिया जाता है और वह स्क्रीन जिस पर प्रतिबिम्ब फोकस किया गया था
उसे उस प्लेट से बदल दिया जाता है जो प्रकाश के प्रति संवेदनशील होती है। इस प्रकार उस प्लेट पर एक्सपोजर
दिया जाता है ।
2. बॉक्स
केमरा (Box Camera)-
ये low
quality के कैमेरे होते है जिनमें ऐसा Lens लगाया जाता है जिसे फोकस करने की आवश्यकता नहीं
पड़ती। इंका Aperture पहले
से ही निर्धारित किया जाता है जो अकसर f/11या f/16 होता
है। इसी प्रकार Shutter की
गति भी पहले से ही निर्धारित की जाती है जो 1/25seconds की होती है । इनमें पहले से ही निर्धारित Shutter की Speed और Aperture के कारण अनेक विषमताएं है जैसे तेज गती से चल रही विषय वस्तु
के स्पष्ट फोटो न खींच पाना।
3. काम्पेक्ट
केमरा (Compact Camera )-
ये
छोटे आकर का कैमेरा होता है जिसमें Box Camera की तरह Lensनहीं बदला जा सकता,
परंतु इसमें अच्छी
किस्म के Lensका
प्रयोग किया जाता है। आजकल ऐसे Compact Camera भी उपलब्ध है जिनमें जूम लेन्स लगे होते है । इनका Depth of field तीन फूट से infinity तक
होता है इनमें Box Camera से अच्छी
फोटो खींचने की क्षमता होती है।
4. मिनिएचर
केमरा ( Miniature Camera
)-
ये कैमेरे आकार में बहुत छोटे और वज़न में
हल्के होते है। इसलिए इन्हें आसानी से जेब में बी रखा जा सकता है। इनमें 35 मि॰ मी॰ या इससे कम आकार की फिल्में प्रयोग की जाती है। इनमें Electronic flash प्रवेश
की सुविधा के अतिरिक्त focusing के लिए बड़े Aperture (F/1.5)का
लेन्स लगाया जाता है इस कैमेरे का प्रयोग अच्छी फिल्म के फोटो के लिए कर सकते है Range Finder कैमेरे इसी क्षेणी में आते है। इन
कैमेरों में Aperture और Shutter की
गति निर्धारित करने की सुविधा होती है इनके View Finder में सेदेखने पर तब तक प्रतिबिम्ब दो नजर आते है जब तकFocus सही नहीं हो जाता है।Exposureपर controlकरने
के लिए कैमरों में या तो Electronic–eyeलगी होती है या Exposuremeter लगा होता है इनमें 45 Meter का
लेन्स लगा होता है ।
5. पोलेराईड
केमरा (Polaroid Camera
)-
इन कैमरोन को Instant
camera भी कहते है क्योंकि इनके द्वारा खींचे
गए फोटो के Print कुछ क्षणों में ही प्राप्त
हो जाते है। Dark room में जाकर Film Develop करने उसका Negative बनाने और फिर Print
बनाने की आवश्यकता नहीं होती ।
Polaroid
Camera का आविष्कार सन 1947 में U.S.A के Dr. Edwin Landने किया
था ऐसे कमेरे से Black and whiteऔर colour दोनों फोटो खींचे जा सकते
है इनमें Flash का प्रयोग किया जा सकता है इन फोटो की Quality की तुलना
परंपरागत कमेरे से ली गई फोटो से नहीं की जा सकती।
6. रिफ़्लेक्स
केमरा ( Reflex Camera )-
Reflex
camera छोटे आकार का और आसानी से प्रयोग किया जाने
वाला एक ऐसा कैमरा है जिसमें lens के
पीछे 45 डिग्री पर एक दर्पण लगाया जाता है जो प्रतिबिम्ब को कैमरे में ऊपर की ओर
लगे धुंधले शीशे ( Ground Glass ) की Flate screen पर
बनाता है। lensको घूमा कर Focusing की जा सकती है। Reflex camera दो
प्रकार का होता है जो निम्न है :-
1. Single
Lens Reflex camera 2. Twin lens Reflex camera
डिजिटल
केमरा (Digital Camera)-
Digital
Cameraभी स्थिर कैमरा की तरह फोटोग्राफी के मूल
सिद्धांत के अनुसार कार्य करता है कैमेरे के lens में
से प्रकाश निकल कर Aperture के जरीय से चित्र की पट्टी पर प्रतिबिम्ब बनाता
है Digital Camera में
प्रतिबिम्ब बनाने के लिए फिल्म
रोल के बदले 1/3 इंच या 1/4 इंच का छोटा Electronic sensor लगा होता है Sensor
के बाद Charged Coupled Devices लगी होती है जो वास्तव में
प्रतिबिम्ब को दर्ज करती है यह प्रकाश की किरणों को Electronic signals में बदलती है जिसकी जांच कैमरा में लगा computer करता है और उन्हें प्रतिबिम्ब में बदला करता है।
Digital Camera में फ्लेश भी लगाई जाती है और उन कैमेरा
में एक खूबी ये भी है कि कम रोशनी में बिना फ्लैश
के भी फोटो खींचते समय पारम्परिक कैमरों की
भांती कैमेरे के हिलने के कारण कोई समस्या नहीं होतीएसी स्थिती में कैमरों में या तो तीव्र
गति की फिल्म का प्रयोग किया जाता है या कैमरे
को Tripod पर लगाया जाता है ।
प्रतिबिम्ब
के Resolution के
आधार पर Digital Camera तीन
प्रकार के होते है :-
1॰ Low resolution digital camera –
ऐसे Digital Camera
पिक्सल रेसोल्यूशन में प्रतिबिम्ब बनाते है जैसे कि computer screen पर देखे जा सकते है यानी के इन द्वारा खींचे गए फोटो को 7 गुना में 5 इंच से बड़ा करने पर हमें picsles नजर आने लगते है ।
2॰ Medium resolution digital camera –
ये कैमेरा Picsles के
आकार में ही अच्छे फोटो खींचते है ।
3॰ High resolution digital camera –
Digital
camera में लगी memory stick में प्रतिबिम्ब इक्कठे किए
जा सकते है और यह अकसर 2 M.Bसे 6 M.B या
अधिक आकार की होने के कारण अप्रयार्प्ता होती है जब एक Memory Stick निर्धारित
संख्या से अधिक प्रतिबिम्ब को जमा नहीं कर सकती तो उसे बदला जा सकता है परंतु इसका
मूल्य बहुत अधिक होता है।
गतिशील
केमरे और उनके कार्ये –
मूवी कमेरा गतिशील कमेरे के अंतर्गत
आता है, फिल्म कमेरा या सिने कमेरा एक प्रकार का फोटोग्राफी
कमेरा है जो इमेज सेन्सर या एक फिल्म पर
तेजी से क्रम में फोटोवॉन को ले लेता है इसके विपरीत स्थिर कमेरा जो एक
समय में केवल एक फोटो लेता है और मूवी कमेरा क्रम में इमजेस लेता है और हर इमेज में एक फ्रेम
होता है जो सविराम गति के नियम के अनुसार होता है। गतिशील केमरे इस प्रकार है :-
एनीमेशन
केमेरा;-
एनीमेशन
कमेराक्रास बर्लिन ने 1957 में बनाया था। एनीमेशन
केमरा एकरोस्टम केमरे की तरह होता है और रोस्टम केमरा वह
है जो विशिष्ट रूप से डेसाइन किया हुआ टेलीविसन
प्रोडक्शन और फिल्मेकिंग के लिए बनाया गया कमेरा है जो स्थिर फोटो और वस्तुओं को
अनिमेट करता है । इस केमरे के साथ एक केमरे
की बाडी होती है जिसके साथ लेन्स और फिल्म मेगजीनस,एक स्टैंड जो आसानी के साथ ऊपर नीचे लिफ्ट किया जा सकता है और
एक टेबल जो प्राय: दोनों ऊपर और नीचे की लइंटों
के साथ होता है।
मल्टीपलन केमरा (The multiplane camera) –
मल्टीपलेन केमेराएनीमेशन होबीस्ट के द्वारा 1972
में बनाया गया था । मल्टीपलेन केमेरा जो एक विशिष्ट चलायमन (Motion)पिचर
केमरा है जो पारंपरिक अनिमेशन पिचरबनाने में इस्तेमाल किया जाता हैजो बहुत सी कलाकृतियों को अलग अलग स्पीडपर कैद
कर ले लेता है और बहुत से अन्तर से यह कार्ये करने में सक्षम है येही लक्षण इसका थ्री ड़ायीमेनशन प्रभाव उत्पन्न करता है यधपि वास्तव में यह त्रिविम(Stereoscopic) नहीं है।दूसरे तरह-तरह के कलाकृतियों के पटल(Layers)के भाग पारदर्शित होते है और वह
अन्य पटल (Layers)को अपने पीछे दिखने के लिएअनुमति देती है ।
इस केमरे
के द्वारा एक रुचिकर वैरिएशन बेकग्राउंड
और फोरग्राउंड के
विपरीत दिशा में होती है और यह एक
रोटेशन का अच्छा प्रभाव उत्पन्न करती है । इसका अच्छा उदाहरण फिल्म Walt Desney`s Snow White and the Seven Dwarfs में है जहाँ एविल कुवीन अपना भाग पीति है और उसके चारो तरफ स्पिन होती है ।
प्रेसविच
केमरा ( Prestwich Camera )-
प्रेसविच केमरा एक सिने केमरा था जिसमें अंतत: बहारी रूप से मेगज़ीन डालने
की सुविधा थी जिसमें 400 (120 m)फीट कीफिल्म रखने की सुविधा थी।
19वीं शताब्दी के अंतत तक तरह-तरह के Prestwich
Cameras बनाये गए।जिसमें से सबसे आधुनिक था
जिसमें अन्य केमरों की तुलना में 50 फीट (15 m) की फिल्म रखने की सुविधा
होती थी ।
संदर्भसूची
1.
फोटो पत्रकारिता – सुभाष
सप्रू
2.
गूगल बाबा (इनटरनेट)
3.
विकिपीडिया

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